अध्याय -2 अम्ल, क्षारक एवं लवण

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शिक्षकों के लिये निर्देश –
1. उपरोक्त अध्याय के लिये ब्लू प्रिंट में 6 अंक निर्धारित किये गये है।
2. अंकों का विभाजन निम्न प्रकार से है – अम्ल क्षारक एवं लवण – 2 अंक – 2 वस्तुनिष्ठ प्रश्न
4 अंक -1 प्रश्न (लगभग- 120 शब्द)

3. इस अध्याय में हमारे आसपास पाये जाने वाली खाद्य सामग्री के विभिन्न स्वाद व गुणों के आधार
पर छात्र उनसे परिचित होंगे और उसका कारण भी जानेंगे। 4. शिक्षकों से अनुरोध है कि इस तथ्य पर विशेष ध्यान दें कि विज्ञान को समझना केवल पढ़कर या लिख कर पूर्ण नहीं को सकता अतः अध्याय के अध्ययन से पूर्ण छात्रों के व्यवहारिक ज्ञान को।
सक्रिय करिये। और उन्हें उनके आसपास के पदार्थों से परिचित करावाईये 5. इस कथन को याद रखें –

I READ, BUT I FORGET ISAW, I REMEMBER IDID,
I UNDERSTOOD AND, I QUESTIONED

अतः छात्रों को स्वतंत्रता दें कि वे आस-पास अवलोकन कर सोच-समझ सकें और प्रश्न कर सकें।

6. अध्याय-2 में अवधारणाओं को स्पष्ट करने हेतु क्रियाकलाप दिये गये हैं। छात्रों से क्रियाकलाप
करवायें या स्वयं करके दिखायें। क्रियाकलाप हेतु सामग्री पहले से तैयार करें। सामग्री वह भी ले
सकते हैं जो आपके आस-पास उपलब्ध हों।

7. छात्र के व्यवहारिक ज्ञान तथा मानसिक स्तर को ध्यान में रखकर मूल्यांकन करें। 8. अध्याय के अन्त में दिये सम्भावित प्रश्नों के अतिरिक्त अन्य महत्वपूर्ण जो सम्भव है।

अध्याय-2 उद्देश्य A. अम्ल एवं क्षार अलग-अलग सूचक जैसे फिनाफ्थलीन, मेंथिल आरेंज, लिटिमस पेपर के साथ
अलग-अलग रंग देते है। सूचकों के साथ रंग परिवर्तन करे आप अम्ल एवं क्षार के अन्तर को
समझ सकेंगे। इसी तरह से आप अम्लों एवं क्षारों को स्वाद के आधार पर भी अन्तर कर सकेंगे। B. गुड़हल के फूल पर आप सूचक के व्यवहार को समझ सकेंगे।

C, धातु जैसे ZH, Mg, Al की क्रिया अम्लों जैसे Hcl एवं H2SO4 को करना ।

D. रासायनिक अभिक्रिया को संतुलित करना। E. Ch धातु की NaOH के साथ अभिक्रिया को लिखना एवं अभिक्रिया को संतुलित करना भी सीख
पायेंगे।

F. धातु कार्बोनेट एवं बाईकार्बोनेट की Hcl एवं H2SO4 के साथ क्रिया एवं इस क्रिया का नाम एवं
इस अभिक्रिया को संतुलित करना भी सीखेंगे।

G, अम्ल एवं क्षार के बीच की क्रिया के द्वारा लवण बनता है, इसे उदासीकरण अभिक्रिया कहते है।
इस अभिक्रिया का प्रभाव को भी समझेंगे।।

H, उदासीनीकरण अभिक्रिया में ऊष्मा के महत्व को समझेंगे।

1. अम्ल एवं क्षारों के ऑक्साईड के बीच में अन्तर एवं उनकी अभिक्रिया को समझेंगे।

J, अम्लीय विलयन एवं क्षारीय विलयन में चालकता के स्वभाव को समझेंगे।

K. जलीय विलयन में अम्ल H+ एवं HO+ आयन एवं क्षार OH आयन निष्कासित करते है।
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